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हाथ-पैर में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने के 8 कारण, विशेषकर रात के समय होने वाली खà¥à¤œà¤²à¥€ के संकेत
हाथ-पैर में खà¥à¤œà¤²à¥€, खासकर रात के समय खà¥à¤œà¤²à¥€ के कई कारण हो सकते हैं। लगातार होने वाली खà¥à¤œà¤²à¥€ कई बीमारियों का à¤à¥€ संकेत हो सकती है।
हाथ-पैर में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने का कारण
हाथ या पैर में खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ काफी परेशान करने वाली होती है। लगातार खà¥à¤œà¤²à¥€ के कारण कई बार रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम करने में à¤à¥€ परेशानी आती है और किसी काम में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। इसके अलावा लंबे समय तक खà¥à¤œà¤¾à¤¤à¥‡ रहने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ कट-फट सकती है और खून à¤à¥€ निकल सकता है, जिससे इंफेकà¥à¤¶à¤¨ और दूसरे खतरे बने रहते हैं। अगर खà¥à¤œà¤²à¥€ रात में हो तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को नींद आना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° खà¥à¤œà¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रात के समय तेज हो जाती हैं। अगर आप à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहे हैं, तो जानें हाथ-पैर में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने के आम कारण।
सोरायसिस (Psoriasis)
सोरायसिस à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का तà¥à¤µà¤šà¤¾ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ है, जिसमें तà¥à¤µà¤šà¤¾ के ऊपर लाल पैचेज उà¤à¤° आते हैं और कई बार सफेद पपड़ी à¤à¥€ उखड़ने लगती है। आमतौर पर सोरायसिस तब होता है जब तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाà¤à¤‚ तेजी से बढ़ने लगती हैं तथा फिर ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सतह पर जमा हो जाती हैं। लंबे समय तक रहने वाला ये विकार आमतौर पर वंशानà¥à¤—त होता है तथा यह आपको पहले से इस बीमारी से पीड़ित किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आने से हो सकता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर आपको तà¥à¤°à¤‚त डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ यानी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ (Eczema)
à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ आमतौर पर हाथ-पैरों में जोड़ों वाली जगह पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। इसके कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ कठोर व पपड़ीदार हो जाती है। à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण फैलता है। यह à¤à¤• पीड़ादायक बीमारी है। इसके होने के बाद जितना जलà¥à¤¦ हो सके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लेना चाहिà¤à¥¤ समय से इलाज न करने पर à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ फैल à¤à¥€ सकता है।
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥à¤¸ फà¥à¤Ÿ (Athlete's Foot)
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥à¤¸ फà¥à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर बरसात के मौसम में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होती है। इसे à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ इसलिठकहते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खिलाड़ियों और à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥à¤¸ में अकà¥à¤¸à¤° पसीने के कारण ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाता है। इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ में आमतौर पर पैरों में लाल धबà¥à¤¬à¥‡ जैसे दिखाई देते हैं। और फिर यह धीरे-धीरे उंगलियों से पूरे पैर में फैल जाते हैं। इस बीमारी में तà¥à¤µà¤šà¤¾ के टूटने, दरार पड़ने व साथ ही पैरों से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आने और खà¥à¤œà¤²à¥€ होने जैसे लकà¥à¤·à¤£ होते हैं।
सà¥à¤•ैबीज़ या खाज (Scabies)
सà¥à¤•ैबीज़ या खाज à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• चरà¥à¤®à¤°à¥‹à¤— होता है, जो छूने से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में तेजी से फैलता है। ये समसà¥à¤¯à¤¾ सारकोपटेस सà¥à¤•ेबी नाम के à¤à¤• माइट (बहà¥à¤¤ छोटे जीव) के कारण होती है। ये कीट अंडे देने के लिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ की उपरी परत के नीचे घà¥à¤¸ जाता है, जिससे खà¥à¤œà¤²à¥€ पैदा होती है। सही समय पर इलाज न किया जाठतो ये अनà¥à¤¯ अंगों में à¤à¥€ फैल सकती है।
डायबिटीज या मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ (Diabetes)
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ या डायबिटीज रोग à¤à¥€ हाथों और पैरों में खà¥à¤œà¤²à¥€ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को इरपà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ संथोमाटोसिस के नाम से जाना जाता है। अकà¥à¤¸à¤° बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र बढ़ जाने पर ये समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। अचà¥à¤›à¥€ बात ये है कि बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र कंटà¥à¤°à¥‹à¤² होने पर ये खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो जाती है। इसके अलावा कई बार पैरों में डायबिटीक फà¥à¤Ÿ के कारण à¤à¥€ घाव और दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ (Skin allergy)
सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ की सबसे आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। ये à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कई कारणों से हो सकती है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सà¥à¤µà¤°à¥‚प, हाथ और पैर में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना सामानà¥à¤¯ कारणों में से à¤à¤• है। यह आपको कà¥à¤› खाने या सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ से à¤à¥€ हो सकती है। इसके कारण पैरों व हाथों में होने वाली पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤›-कà¥à¤› à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसी होती हैं, जिसे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• कांटेकà¥à¤Ÿ डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के नाम से जाना जाता है। ये खà¥à¤œà¤²à¥€ कई बार दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿ, गलत खानपान, लिवर खराब होने या किसी पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाली चीज छूने से à¤à¥€ हो सकती है।
नेल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ (Nail Infection)
नेल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ पैरों व हाथों के सही रख-रखाव व सफाई के न होने के कारण होता है। खासतौर पर बरसात के मौसम में नाखून फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते हैं। इसमें नाखून में सूजन, लाल होने और नाखून में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। नाखूनों में इस तरह के संकेत दिखने पर आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करके इसे ठीक करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इंफेकà¥à¤¶à¤¨ बढ़ने पर नाखून उगने बंद हो सकते हैं।
रिंगवरà¥à¤® या दाद (Ringworm)
दाद या रिंगवरà¥à¤® à¤à¥€ à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है जो कई बार साफ-सफाई की कमी, दूसरे के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कपड़े और टॉवेल यूज करने या गीले कपड़े पहनने के कारण हो सकती है। इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर गोल गोल चकतà¥à¤¤à¥‡ उà¤à¤° आते हैं, जो रिंग के आकार में होते हैं। इसके होने पर चमड़ी लाल व कठोर हो जाती है और इसमें खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ होने लगती है, जोकि रात में तेज हो जाती है। यह फंगस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से होता है।
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